top of page
OUR BLOGS


घुलते हुए दो जिस्म
सन्दीप तोमर सीने पर जो चाँद तुम टांक गई थी, वो रफ्ता-रफ्ता बढ़ता जाता है, जैसे मेंरे तुम्हारे बीच पनप रहा एहसास हो, जो बदल जाता है पूनम...
संदीप तोमर
Feb 131 min read
18 views
0 comments


देर रात घर लौटते हैं
रजनीश सचान वे ऐसे नहीं चलते जैसे हत्या के लिए नौकरी पर रखे गए सैनिक चलते हैं वे ऐसे नहीं चलते जैसे पहलू खान के पीछे चलते गौ-रक्षक वे...
रजनीश सचान
Jan 111 min read
26 views
0 comments


जीत की बात
सतीश सक्सेना ओठों पर आ जाए जो उस गीत की बातें करते हैं! जो मन को छू जाये उसी संगीत की बातें करते हैं! अम्मा दादी नानी बाबा से हम चलना...
सतीश सक्सेना
Jan 71 min read
8 views
0 comments


प्यार जितना पुराना। उतना ही सुहाना है।
डॉ. जहान सिंह जहान प्यार जितना पुराना। उतना ही सुहाना है। क्या हुआ अगर यह नया ज़माना है।। आज का प्यार तो बहुत बौना है। कुछ पल खेलने...
डॉ. जहान सिंह ‘जहान’
Sep 12, 20241 min read
161 views
0 comments


कितना मुश्किल है...
सन्दीप तोमर एक लंबे अरसे से करती रही थी वह मिलने की फरमाइश वक़्त टालता रहा था हमारे मिलने को उसने फिर कहा- बस बातें ही करते हो मिलना कब...
सन्दीप तोमर
Jul 18, 20241 min read
9 views
0 comments


तुम्हारे साथ रहकर
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गई हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक...
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
Mar 9, 20241 min read
1 view
0 comments


मेरी प्यारी अम्मा जी
डॉ सुषमा सुबह सबेरे जब चिल्लाती मेरी प्यारी अम्मा जी। खाट खड़ी सबकी करवाती मेरी प्यारी अम्मा जी। नीम बबुर की दतुइन तोड़ के सुबह सुबह हम...
डॉ सुषमा
Feb 22, 20241 min read
14 views
0 comments


प्यार के एहसास
संदीप यह कहानी तेरी मेरी है। किसी और की नहीं इसमे मैं राजा तू रानी है। अपनी शुरू होती कुछ ऐसे कहानी है, किसी और की नहीं। एक प्यारी सी...
संदीप
Feb 2, 20241 min read
1 view
0 comments


मेरी बेटी
भारती देसाई एक बेटी मेरे घर में भी आई है..... सिर के पीछे उछाले गये चावलों को, माँ के आँचल में छोड़कर, पाँव के अँगूठे से चावल का कलश...
Rachnakunj .
Jan 24, 20242 min read
3 views
0 comments


खुद को पढ़ रहा हूँ
सन्दीप तोमर मैं बन्द कमरे में खुद को पढ़ रहा हूँगा या कि गर्मी की रात छत पर लेट महसूस रहा हूँगा तपिश तुम्हारी और ताक रहा हूँगा तारों को...
Rachnakunj .
Jan 13, 20241 min read
0 views
0 comments


खुशी के वो पल
सविता पाटील खुशी के वो पल, ज़िन्दगी में… कुछ इस तरह से दबें रहते हैं, जैसे समंदर की गहराइओं में… खजाने छिपे रहते हैं ! हम रहते हैं...
Rachnakunj .
Sep 25, 20231 min read
0 views
0 comments


फूल पलाश के ले आना
सुनीता मुखर्जी "श्रुति" लौट आना फगुआ से पहले सँग फूल पलाश के ले आना बेरंग पल बीत रहे बन दुष्कर सुर्ख गुलाल बन बिखरा जाना। हर लम्हें गुजरे...
Rachnakunj .
Sep 16, 20231 min read
1 view
0 comments


बेपनाह मुहब्बत
शिव सागर मौर्य धूल मैं तेरी गलियों की, कदमों से तेरे लिपट जाऊं। छूटे ना साथ कभी तेरा, मैं तेरे लिए ही मिट जाऊं।। हर पल राह निहार रही, आने...
Rachnakunj .
Aug 21, 20231 min read
0 views
0 comments


मुस्कान
सविता पाटील पलों से पल में… बह रही है ज़िन्दगी, हर पल कुछ हो नया, कह रही है ज़िन्दगी! तेरा होना न होना… कुछ तो फर्क करे, अखबारों में...
Rachnakunj .
Aug 5, 20231 min read
0 views
0 comments


जज़्बात
विनीता तिवारी चुरा हर चीज़ ग़ैरों की वो अक्सर बात करते हैं। कि ये तेरा मेरा इंसान को बर्बाद करते हैं। मुहब्बत ज़िंदगी में ग़र मिले सच्ची...
Rachnakunj .
Aug 2, 20231 min read
0 views
0 comments


बारिश
सविता पाटील बरसी तो थी बारिश, बूंदों ने कोना कोना भिगो दिया, भर गई नदी, भरा सरोवर, सागर भी तो भर गया! फिर क्यों वो प्यासा… शिकायत में...
Rachnakunj .
Jul 26, 20231 min read
0 views
0 comments


बेवफ़ाई
जिया घड़ी वो और चूड़ी मैं निकालूंगी कलाई से, बहुत उकता चुके हैं यार दोनों आशनाई से, उसे बस देखना ही आँख की बीनाई ले डूबा, उसे लिखते अगर तो...
Rachnakunj .
Jul 23, 20231 min read
0 views
0 comments


वो प्यार नहीं कर पाएंगे
आँचल सक्सैना सच कहते हैं यार, नहीं कर पाएंगे उनसे आंखें चार, नहीं कर पाएंगे चेहरा देखे वो केवल, दिल ना देखे हम इतना श्रृंगार, नहीं कर...
Rachnakunj .
Jul 18, 20231 min read
1 view
0 comments


चाँदनी रात में…
दीपशिखा चाँदनी रात में शबनमी साथ में प्यार की वादियों ने कहानी लिखी, फूल हर सू खिले दिल से दिल थे मिले, एक राजा की क़िस्मत में रानी...
Rachnakunj .
Jul 15, 20231 min read
0 views
0 comments


मेरे नैना
मीनाक्षी पाठक नैना मेरे मुझे छलने लगे बेवजह ही बरसने लगे जख्म हैं गहरा पर बाहर पहरा रिश्तों के धागे कतरने लगे हैं जुबान पर ठहरा दर्द है...
Rachnakunj .
Jul 14, 20231 min read
0 views
0 comments
bottom of page