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संगीत प्रेमी
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र उन दिनों अपने पिता के घर भोजन करने के लिए केवल दो बार जाया करते थे, और दिन-रात निकट के रामतनु बसु की गली में स्थित...
मुकेश ‘नादान’
Jan 33 min read
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मित्र की मदद
मुकेश ‘नादान’ बी.ए. की परीक्षा के लिए फीस जमा करने का समय आ गया था। सबके रुपयों की व्यवस्था हो गई थी। केवल चोरबागान के गरीब मित्र हरिदास...
मुकेश ‘नादान’
Dec 14, 20243 min read
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निषिद्ध भोजन
मुकेश ‘नादान’ एक दिन नरेंद्र होटल में खाना खा आया और आकर श्रीरामकृष्ण देव से कहा, “महाराज, आज एक होटल में, साधारण लोग जिसे निषिद्ध कहते...
मुकेश ‘नादान’
Nov 3, 20243 min read
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माँ काली की उपासना
मुकेश ‘नादान’ कहते हैं कि जब बुरा समय आता है तो चारों ओर से घेर लेता है। दुर्दिनों में संयमी से संयमी व्यक्ति भी अपना संयम खो देता है,...
मुकेश ‘नादान’
Oct 29, 20242 min read
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ईश्वर के प्रति विद्रोह
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र का चरित्र अपनी माँ से बहुत प्रभावित था। वे एक धर्मपरायण महिला थीं। मगर इस घोर विपत्ति में उनका विश्वास भी डोल गया।...
मुकेश ‘नादान’
Oct 13, 20242 min read
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पिता का देहांत
मुकेश ‘नादान’ समय के साथ-साथ सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि अचानक एक दिन हृदयाघात के कारण नरेंद्र के पिता का देहांत हो गया। नरेंद्र के पिता...
मुकेश ‘नादान’
Apr 8, 20242 min read
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नरेंद्र की जीत
मुकेश ‘नादान’ 'एकरसता उनसे सहन नहीं होती थी, अत: नित्य नवीन आनंद के उपाय की खोज करनी पड़ती थी। तब यहाँ यह कह देना भी आवश्यक है कि उनके...
मुकेश ‘नादान’
Apr 3, 20242 min read
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अँगरेजी भाषण
मुकेश ‘नादान’ विद्यालय में पढ़ने के समय ही नरेंद्रनाथ की वाक्य शक्तिजागृत हो गई थी। एक बार मेट्रोपोलिटन इंस्टीट्यूट में पुरस्कार वितरण के...
मुकेश ‘नादान’
Mar 30, 20241 min read
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जीवन का लक्ष्य
मुकेश ‘नादान’ 'पाश्चात्य शिक्षा के प्रभाव से नरेंद्र ने अतीत को भुलाकर वर्तमान में रहना सीखा था। उन्होंने बाइबिल भी पढ़ी थी, किंतु...
मुकेश ‘नादान’
Mar 25, 20243 min read
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नरेंद्र की परीक्षा
मुकेश ‘नादान’ रामकृष्ण परमहंस ने नरेंद्र की परीक्षा लेने के लिए ऐसा भाव अपनाया कि वे नरेंद्र के दक्षिणेश्वर आने पर उनकी ओर तनिक भी ध्यान...
मुकेश ‘नादान’
Mar 15, 20242 min read
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महर्षि देवेंद्रनाथ से भेंट
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र की प्रवेशिका परीक्षा के कुछ दिनों बाद से ही सम्मिलित परिवार में विवाद बढ़ जाने एवं चाचा के परिवार के उत्पीड़न से...
मुकेश ‘नादान’
Mar 9, 20242 min read
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ब्रह्मसमाज का त्याग
मुकेश ‘नादान’ बहुत समय बीतने के बाद नरेंद्र दक्षिणेश्वर नहीं आए। रामकृष्ण उन्हें देखने के लिए व्याकुल हो उठे। रविवार का दिन था, नरेंद्र...
Rachnakunj .
Oct 13, 20231 min read
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गुरु-शिष्य का प्रेम
मुकेश ‘नादान’ एक दिन श्रीरामकृष्ण व्याकुल भाव से मंदिर के प्रंगण में घूम रहे थे और माँ काली से विनती कर रहे थे, “माँ! मैं उसे देखे बिना...
Rachnakunj .
Oct 5, 20232 min read
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गुरु-शिष्य मिलन
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र के लिए रामकृष्ण देव का मन मानो नरेंद्रमय हो गया था। उनके मुख से नरेंद्र के गुणानुवाद के सिवाय और कोई दूसरी बात नहीं...
Rachnakunj .
Sep 23, 20233 min read
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गुरु की व्याकुलता
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्रनाथ के दक्षिणेश्वर आगमन के कुछ दिनों बाद बाबूराम (भविष्य में स्वामी प्रेमानंद) का आवागमन शुरू हुआ। एक दिन वे रामदयाल...
Rachnakunj .
Sep 16, 20232 min read
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ईश्वर क्या है?
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र प्रात: सायं भजन करने बैठ जाते, ईश्वर का नाम लेते, उन्हें स्मरण करते। एक दिन उनके पिता ने उनकी परीक्षा लेनी चाही तो...
Rachnakunj .
Aug 27, 20232 min read
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गुरु की उदासी
मुकेश ‘नादान’ एक दिन श्रीरामकृष्ण भक्त के स्वभाव को चातक का दृष्टांत देकर समझा रहे थे, “चातक जिस प्रकार अपनी प्यास बुझाने के लिए बादल की...
Rachnakunj .
Aug 18, 20232 min read
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सच्चा गुरु
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र की उस समय जो मन:स्थिति थी, उसके विषय में स्वामी सारदानंद ने अपने ग्रंथ 'श्रीरामकृष्ण लीला प्रंग' में लिखा है, “मैं...
Rachnakunj .
Aug 6, 20232 min read
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सच्चे गुरु की तलाश
मुकेश ‘नादान’ सन् 1881 की बात है। नवंबर का महीना था, ठंड भी अपना भरपूर असर दिखा रही थी। एक दिन श्रीरामक्रृष्ण परमहंस आमंत्रण पर...
Rachnakunj .
Jul 29, 20233 min read
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सत्य की खोज
मुकेश ‘नादान’ बात उस समय की है जब नरेंद्र ने सत्य की खोज में न जाने कितनी ही पुस्तकें पढ़ डाली थीं। वे अपने अध्ययन से किसी उद्देश्य को...
Rachnakunj .
Jul 20, 20233 min read
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